Indian Polity · Local Self Government
73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के तहत, निम्नलिखित में से किसे राज्य विधानसभाओं के लिए एक अनिवार्य प्रावधान के बजाय एक स्वैच्छिक (विवेकाधीन) प्रावधान के रूप में वर्गीकृत किया गया है?
- 1सभी स्तरों पर पंचायतों के लिए पांच वर्ष का कार्यकाल तय करना
- 2किसी भी पंचायत में नागरिकों के पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण प्रदान करना✓
- 3प्रत्येक ग्राम में ग्राम सभा की स्थापना करना
- 4प्रत्येक पांच वर्ष में राज्य वित्त आयोग का गठन करना
सही उत्तर देखें
किसी भी पंचायत में नागरिकों के पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण प्रदान करना
व्याख्या
स्पष्टीकरण:
सही विकल्प:
- (C) किसी भी पंचायत में नागरिकों के पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण प्रदान करना।
मुख्य बिंदु:
73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत कुछ प्रावधानों को अनिवार्य (Compulsory) बनाया गया है, जबकि कुछ प्रावधानों को विवेकाधीन या स्वैच्छिक (Voluntary/Discretionary) रखा गया है ताकि राज्य अपने स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक और भौगोलिक हालातों के अनुसार निर्णय ले सकें।
पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान स्वैच्छिक श्रेणी में आता है—अर्थात, राज्य विधानसभाएं अपने राज्य में पंचायतों के भीतर पिछड़े वर्गों (Backward Classes) को आरक्षण देने के लिए कानून बना भी सकती हैं और नहीं भी।
इसके विपरीत, ग्राम सभा की स्थापना, त्रि-स्तरीय प्रणाली का गठन, पंचायतों का 5 वर्ष का निश्चित कार्यकाल और राज्य वित्त आयोग का गठन करना आदि अनिवार्य प्रावधानों में शामिल हैं।
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