Indian Polity · Polity
73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 मुख्य रूप से क्या निर्दिष्ट करता है?
- 1सहकारी समितियों के गठन के संबंध में प्रावधान
- 2सम्पत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की श्रेणी से हटाना
- 3देश में मजबूत और जीवंत पंचायती राज संस्थाओं की बुनियाद रखना✓
- 4नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों को शामिल करना
सही उत्तर देखें
देश में मजबूत और जीवंत पंचायती राज संस्थाओं की बुनियाद रखना
व्याख्या
73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992
मुख्य उद्देश्य: इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य देश में मजबूत और जीवंत पंचायती राज संस्थाओं की नींव रखना था।
संवैधानिक दर्जा: इसके द्वारा भारतीय संविधान में भाग-IX (अनुच्छेद 243 से 243-O) और अनुसूची-11 जोड़ी गई, जिससे त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम स्तर, खंड/मध्यवर्ती स्तर और जिला स्तर) को संवैधानिक मान्यता मिली।
अन्य विकल्प विश्लेषण:
- (A) मौलिक कर्तव्यों को 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा जोड़ा गया था।
- (C) संपत्ति के अधिकार को 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा मौलिक अधिकारों की सूची से हटाया गया था।
- (D) सहकारी समितियों के गठन से संबंधित प्रावधान 97वें संविधान संशोधन (2011) से संबंधित हैं।
निष्कर्ष: सही उत्तर
- (B) है।
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